मधेपुरा: मधेपुरा महाविद्यालय, मधेपुरा के इतिहास विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं बीएनएमयू, मधेपुरा के अभिषद् सदस्य कैप्टन गौतम कुमार ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से राजभवन, पटना में मुलाकात कर अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों के हित में कई मांग की हैं. कैप्टन कुमार ने अपने ज्ञापन में कहा है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों की अहम भूमिका है. लेकिन उनके योगदान के अनुरूप उन्हें अब तक उचित सम्मान नहीं मिल पाया है. कुछ बेहतर की आस में वर्षों से बैठे इन शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर राज्य सरकार वर्ष 2008 से परीक्षाफल आधारित अनुदान देना शुरू किया. लेकिन उक्त राशि उंट के मूंह में जीरे के समान ही रहता है. परीक्षाफल आधारित अनुदान भी पिछले 2017 से बकाया है. इस स्थिति में अनुदानित कालेजों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह असमर्थ बने हुए हैं.
उन्होंने राज्यपाल सह कुलाधिपति से मुख्यतः तीन मांगें की हैं. एक, अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों को परीक्षाफल आधारित अनुदान की जगह वेतन की गारंटी हो. दो, अनुदानित कॉलेज के शिक्षकों को विश्वविद्यालय में पदाधिकारी,पर्यवेक्षक आदि बनाया जाए. तीन, शोध कार्य में भी अनुदानित कॉलेजों के अहर्ता प्राप्त शिक्षकों को जोड़ने की कृपा की जाए. कैप्टन कुमार ने बताया कि राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने सभी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है. उन्हें विश्वास है कि राज्यपाल-सह-कुलाधिपति के सकारात्मक पहल से अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित सपना अनुदान की जगह वेतन और उचित सम्मान का सुअवसर प्राप्त हो पाएगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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